महिला की पहचान रेखा के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि उनका पति दिल्ली में ठेकेदारी का काम करता है। मकान के बंटवारे को लेकर ससुर सियाराम और जेठ अनिल से लंबे समय से विवाद चल रहा है। आरोप है कि ससुर ने मकान का बैनामा जेठ के बेटे अंकित कुमार के नाम कर दिया, जिसके बाद परिवार में तनाव बढ़ गया।
1अप्रैल को जेठ और उसके बेटों ने घर से सिलिंडर, पंखा और 10 हजार रुपये चोरी कर लिए, जिसकी शिकायत पुलिस में की गई थी।
रविवार को दोबारा चोरी की कोशिश में ताला काटा गया, लेकिन लोगों को आते देख आरोपी भाग निकले।
मंगलवार सुबह करीब 10 बजे रेखा न्यायालय में किसी मामले में गई थीं। दो घंटे बाद जब वह घर लौटीं तो जेठ और उसके बेटों ने बाहर से ताला लगा दिया और सामान भी बाहर निकाल दिया।
महिला ने 1076 और 112 नंबर पर सूचना दी, लेकिन शुरुआत में कोई कार्रवाई नहीं हुई। शाम करीब 6 बजे थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ताला खुलवाकर उन्हें बाहर निकाला।
रेखा ने कहा कि इस दौरान उन्हें और उनकी बेटियों को 6 घंटे तक कैद रखा गया।
ससुर का पक्ष:
ससुर सियाराम (वर्ष 2004 में दरोगा पद से सेवानिवृत्त) ने आरोपों से इनकार किया। उन्होंने बताया कि उनके दो बेटे अनिल और मनोज हैं। दोनों को एलएनटी मेट्रो में ठेकेदारी के लिए 15 लाख रुपये दिए थे। वर्ष 2024 में दोनों भाइयों में विवाद हो गया। उन्होंने बहू पर लगाए गए कैद करने के आरोपों को निराधार बताया।
एसीपी छत्ता शेषमणि उपाध्याय ने बताया कि दोनों भाइयों के बीच जमीन और मकान के बंटवारे का विवाद चल रहा है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जल्द ही उचित कार्रवाई की जाएगी।
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