अलीगढ़ : बकरीद की दूसरी ईद नमाज के दौरान शाहजमाल ईदगाह पर अचानक हुए हंगामे से पूरा कार्यक्रम बिगड़ गया। तय समय से आधा घंटा देरी से शुरू हुई नमाज करीब एक घंटे चली। हंगामे के दौरान बिजली चले जाने से माइक बंद हो गए, जिससे शहर मुफ्ती खालिद हमीद भी अपनी पूरी बात नहीं कह पाए।
दूसरी नमाज सुबह 7 बजे तय की गई थी, जो सुबह 7:30 बजे शुरू हो सकी और लगभग 8 बजे पूरी हुई। नमाजियों में प्रशासनिक इंतजामों को लेकर नाराजगी व्यक्त की जा रही थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि दशकों में पहली बार ऐसा वाकया हुआ है, जिससे उन्हें काफी कष्ट हुआ।
हंगामा शुरू होते ही शहर मुफ्ती खालिद हमीद लोगों को समझाने-बुझाने में जुट गए। उन्होंने कहा, “सभी लोग नमाज पढ़कर ही जाएं।” ठीक उसी समय बिजली चली गई और माइक की आवाज बंद हो गई। हंगामे से पहले वे बकरीद की कुर्बानी की कहानी और इसके महत्व पर लोगों को संबोधित कर रहे थे।
मुफ्ती का बयान
हंगामे के बाद शहर मुफ्ती खालिद हमीद ने कहा कि ऐसी स्थिति से बचने के लिए उन्होंने अलीगढ़ में दो बार में नमाज पढ़ाने की व्यवस्था की थी। उन्होंने प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा, “अगर इस पर भी परेशानी है तो प्रशासन खुद इंतजाम करे।”
इमाम की जिम्मेदारी
इस दौरान नायब शहर मुफ्ती आयूब खान के शाहजमाल ईदगाह न आने की चर्चा भी रही। उन्होंने टनटनपाड़ा स्थित रहीम मस्जिद में नमाज पढ़ाई। 82 वर्षीय इमाम कारी सागिल को इस बार शाहजमाल ईदगाह की नमाज पढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
शाहजमाल ईदगाह पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए थे। नगर निगम की ओर से कंट्रोल रूम बनाया गया था, जिसमें लगभग 60 कैमरों का नेटवर्क जोड़ा गया था। पूरे इलाके की निगरानी ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी से की जा रही थी। आरएएफ (रैपिड एक्शन फोर्स) की टुकड़ी भी मौके पर तैनात रही।

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