कानपुर : कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र के सनिगवां में एक महिला ने अपने सगे मौसी और मामा पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि उन्होंने उसकी मां की मौत के बाद नशीला पदार्थ देकर बेहोश किया, अश्लील वीडियो बनवाकर ब्लैकमेल किया और देह व्यापार में जबरन धकेल दिया। इस पूरे प्रकरण में महिला से करीब 1.50 लाख रुपये वसूले गए। पीड़िता ने पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल से न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़िता ने पुलिस कमिश्नर को दिए लिखित आवेदन में बताया कि वर्ष 2024 में उसकी मां की मौत हो गई थी। इसके कुछ समय बाद पड़ोस में रहने वाले मौसी और मामा ने एक दिन उसके खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे बेहोश कर दिया। बेहोशी की हालत में एक युवक को कमरे में भेजकर उसके साथ अश्लील वीडियो बनवा लिया।
उसी वीडियो को दिखाकर बदनामी का डर दिखाते हुए मौसी-मामा ने उसे देह व्यापार करने के लिए मजबूर किया। पीड़िता के अनुसार, उन्होंने लंबे समय तक इस ब्लैकमेलिंग का फायदा उठाया।
निकाह के बाद भी जारी रहा शोषण
29 सितंबर 2024 को पीड़िता का निकाह कर दिया गया। शादी के छह महीने बाद मौसी ने फिर से पैसे की मांग शुरू कर दी और देह व्यापार में वापस लौटने का दबाव बनाया। महिला ने बताया कि वह ससुराल से 20 महीनों के दौरान किसी तरह करीब 1.50 लाख रुपये चुराकर मौसी और मामा को देती रही।
आरोप है कि जब पीड़िता ने इनकार किया तो मौसी ने उसके 8 महीने के बच्चे को मारने की धमकी दी। लगातार पैसे की मांग, धमकियों और मानसिक प्रताड़ना से त्रस्त होकर पीड़िता अंततः बुधवार को पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के पास पहुंची और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
पुलिस की प्रतिक्रिया
चकेरी थाना प्रभारी और एसीपी चकेरी अभिषेक पांडेय ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “यह एक पारिवारिक मामला प्रतीत होता है। पीड़िता की शिकायत मिल गई है। हम पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।”
पुलिस अब पीड़िता के बयान, वीडियो ब्लैकमेलिंग के सबूत, पैसे की वसूली के लेन-देन और मौसी-मामा के बयान दर्ज कर रही है। मामले में आईपीसी की विभिन्न धाराओं के साथ ही IT एक्ट की धाराएं भी लगाए जाने की संभावना है।

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