भदोही : एमपी-एमएलए कोर्ट ने पैतृक संपत्ति हड़पने और माइनिंग फर्म पर कब्जा करने के मामले में सपा-निषाद पार्टी के पूर्व विधायक विजय मिश्रा, उनकी पत्नी पूर्व एमएलसी रामलली मिश्रा और बेटे विष्णु मिश्रा को 10-10 साल की सजा सुनाई है। बहू रूपा मिश्रा को 4 साल की कैद की सजा हुई है।
भदोही एमपी-एमएलए विशेष न्यायालय ने बृहस्पतिवार को यह फैसला सुनाया। मामले में कुल 895 दिनों की सुनवाई चली। कोर्ट में 8 गवाह पेश किए गए। पुलिस ने 20 नवंबर 2023 को इस मामले में चार्जशीट दाखिल की थी।
रिश्तेदार कृष्ण मोहन तिवारी ने 4 अगस्त 2020 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि विजय मिश्रा परिवार ने उनके पैतृक आवास पर कब्जा कर लिया और माइनिंग फर्म पर भी नियंत्रण हासिल कर लिया।
गिरफ्तारियों का क्रम
14 अगस्त 2020: विजय मिश्रा को मध्य प्रदेश के आगर से गिरफ्तार किया गया।
जुलाई 2022: बेटे विष्णु मिश्रा को पुणे से गिरफ्तार किया गया (उनके सिर पर इनाम घोषित था)।
2022 : रामलली मिश्रा की गिरफ्तारी हुई (बाद में जमानत मिल गई)।
विजय मिश्रा को अब तक मिली सजाएं
15 मई 2026: संपत्ति हड़पने के मामले में 10 साल की सजा (पत्नी, बेटे और बहू के साथ)।
13 मई 2026: प्रयागराज कचहरी हत्याकांड में आजीवन कारावास।
13 जून 2024: आचार संहिता उल्लंघन में 1 महीने की सजा।
मार्च 2023: आर्म्स एक्ट में 5 साल की सजा।
4 नवंबर 2023: गायिका से दुष्कर्म मामले में 15 साल की कैद।
वर्तमान में विजय मिश्रा आगरा जेल और विष्णु मिश्रा लखीमपुर खीरी जेल में बंद हैं। फैसले के बाद रामलली और रूपा मिश्रा को भी जेल भेज दिया गया है।

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